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Wednesday, August 7, 2019

*रूद्राभिषेक का औचित्य*

आजकल बहुत से पोस्ट
आते हैं  ।मंदिर में पैसा न चढ़ाओ/ शिव के दूध न चढ़ाओ गरीब को दे दो ।पैसे के बारे में कलआज शिवजी के दूध परचर्चा

*रूद्राभिषेक का औचित्य*

आजकल  संदेश आते रहे हैं कि महादेव को दूध की कुछ बूंदें चढाकर शेष निर्धन बच्चों को दे दिया जाए। सुनने में बहुत अच्छा लगता है लेकिन हर भारतीय त्योहार पर ऐसे संदेश पढ़कर थोड़ा दुख होता है। दीवाली पर पटाखे ना चलाएं, होली में रंग और गुलाल ना खरीदें, सावन में दूध ना चढ़ाएं, उस पैसे से गरीबों की मदद करें। लेकिन त्योहारों के पैसे से ही क्यों? ये एक साजिश है हमें अपने रीति-रिवाजों से विमुख करने की।

हम सब प्रतिदिन दूध पीते हैं तब तो हमें कभी ये ख्याल नहीं आया कि लाखों गरीब बच्चे दूध के बिना जी रहे हैं। अगर दान करना ही है तो अपने हिस्से के दूध का दान करिए और वर्ष भर करिए। कौन मना कर रहा है। शंकर जी के हिस्से का दूध ही क्यों दान करना?

अपने करीब उपलब्ध किसी आयुर्वेदाचार्य के पास जाकर पूछिये कि वर्ष के जिन दिनों में शिव जी को दूध का अभिषेक किया जाता है उन दिनों में स्वास्थ्य की दृष्टि से दूध का न्यूनतम सेवन किया जाए जिससे मौसमानुसार शरीर में वात और कफ न बढे जिससे हम निरोगी रहे ऐसा आयुर्वेद कहता है कि नहीं।

आप अपने व्यसन का दान कीजिये दिन भर में जो आप सिगरेट, पान-मसाला, शराब, मांस अथवा किसी और क्रिया में जो पैसे खर्च करते हैं उसको बंद कर के गरीब को दान कीजिये | इससे आपको दान के लाभ के साथ साथ स्वास्थ्य का भी लाभ होगा।

महादेव ने जगत कल्याण हेतु विषपान किया था इसलिए उनका अभिषेक दूध से किया जाता है। जिन महानुभावों के मन में अतिशय दया उत्पन्न हो रही है उनसे मेरा अनुरोध है कि एक महीना ही क्यों, वर्ष भर गरीब बच्चों को दूध का दान दें। घर में जितना भी दूध आता हो उसमें से ज्यादा नहीं सिर्फ आधा लीटर ही किसी निर्धन परिवार को दें। महादेव को जो 50 ग्राम दूध चढ़ाते हैं वो उन्हें ही चढ़ाएं।

शिवलिंग की वैज्ञानिकता ....

भारत का रेडियोएक्टिविटी मैप उठा लें, तब हैरान हो जायेगें ! भारत सरकार के न्यूक्लिअर रिएक्टर के अलावा सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है।

शिवलिंग और कुछ नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर्स ही हैं, तभी तो उन पर जल चढ़ाया जाता है ताकि वो शांत रहे।

महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे कि बिल्व पत्र, आक, आकमद, धतूरा, गुड़हल, आदि सभी न्यूक्लिअर एनर्जी सोखने वाले है।

  क्यूंकि शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है इसीलिए तो जल निकासी नलिका को लांघा नहीं जाता।

  भाभा एटॉमिक रिएक्टर का डिज़ाइन भी शिवलिंग की तरह ही है।

शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल नदी के बहते हुए जल के साथ मिलकर औषधि का रूप ले लेता है।

  तभी तो हमारे पूर्वज हम लोगों से कहते थे कि महादेव शिवशंकर अगर नाराज हो जाएंगे तो प्रलय आ जाएगी।

  ध्यान दें, कि हमारी परम्पराओं के पीछे कितना गहन विज्ञान छिपा हुआ है।

  जिस संस्कृति की कोख से हमने जन्म लिया है, वो तो चिर सनातन है। विज्ञान को परम्पराओं का जामा इसलिए पहनाया गया है ताकि वो प्रचलन बन जाए और हम भारतवासी सदा वैज्ञानिक जीवन जीते रहें।..

अपना व्यवहार बदलो अपने धर्म को बदलने का प्रयास मत करो।

Saturday, April 27, 2019

श्री राम सम्पूर्ण वंशावली

श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..

🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹

1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।
🙏  जय श्री राम   🙏

Tuesday, April 16, 2019

वासनाओं के आकर्षण से कैसे बचा जाये ?

-कौत्स उन दिनों महर्षि कण्व के आश्रम में तप कर रहे थे। एक दिन गुरु और शिष्य दोनों जंगल में देर तक काम करते रहे। सायंकाल महर्षि ने कौत्स को थोड़ा पहले आश्रम भेज दिया आप कुछ पीछे चले।

कौत्स आश्रम आ रहे थे, तब उन्होंने मार्ग में पड़ी एक सुन्दर स्त्री देखी। स्त्री को चोट लगी थी, वह पीड़ा से कराह रही थी। कौत्स एक क्षण रुके और फिर अपनी राह चलते बने। पीछे महर्षि कण्ठ भी उधर से आये और युवती को यों पड़ी कराहते देखा तो अपने शिष्य पर उन्हें बड़ा क्षोभ हुआ। युवती को उठाकर वे आश्रम लाये और उसकी चिकित्सा की व्यवस्था कर दी।

कौत्स को बुलाकर उन्होंने पूछा- जब यह स्त्री मार्ग में तुम्हें कष्ट-पीड़ित अवस्था में मिली तब तुमने उसे उठाया क्यों नहीं, उसे आश्रम में लाकर सेवा का उचित प्रबन्ध क्यों नहीं किया। कौत्स ने सिर झुका कर कहा- भगवन्! मुझे सन्देह था कि मैं उस स्त्री के सौंदर्य से कहीं विचलित न हो जाऊं, इसीलिए चुपचाप चला आया।

महर्षि ने गम्भीर स्वर में कहा- वत्स! इससे क्या सौंदर्य से विरक्ति हो जायेगी। छिपा हुआ भाव तो कभी भी प्रकट हो सकता है, इसलिए वासनाओं के आकर्षण से बचने के लिए तो यह आवश्यक है कि वैसे वातावरण में रहकर ही आत्म-नियन्त्रण का अभ्यास किया जाये। क्या तैरना सूखे में सीखा जा सकता? उसी प्रकार आत्म-नियन्त्रण भी एकान्त में नहीं हो सकता।

Saturday, April 13, 2019

हिन्दू संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण बातें ।

  📖 हमारे चार वेद है।*
1] ऋग्वेद
2] सामवेद
3] अथर्ववेद
4] यजुर्वेद
*************************************
*📜 कुल 6 शास्त्र है।*
1] वेदांग
2] सांख्य
3] निरूक्त
4] व्याकरण
5] योग
6] छंद
*************************************
*⛲ हमारी 7 नदियां।*
1] गंगा
2] यमुना
3] गोदावरी
4] सरस्वती
5] नर्मदा
6] सिंधु
7] कावेरी
*************************************
*📚 हमारे 18 पुराण।*
1] मत्स्य पुराण
2] मार्कण्डेय पुराण
3] भविष्य पुराण
4] भगवत पुराण
5] ब्रह्मांड पुराण
6] ब्रह्मवैवर्त पुराण
7] ब्रह्म पुराण
8] वामन पुराण
9] वराह पुराण
10] विष्णु पुराण
11] वायु पुराण
12] अग्नि पुराण
13] नारद पुराण
14] पद्म पुराण
15] लिंग पुराण
16] गरुड़ पुराण
17] कूर्म पुराण
18] स्कंद पुराण
*************************************
*🍚 पंचामृत।*
1] दूध
2] दहीं
3] घी
4] मध
5] साकर
***********************
*🌌 पंचतत्व।*
1] पृथ्वी
2] जल
3] तेज
4] वायु
5] आकाश
***********************
*☘ तीन गुण।*
1] सत्व्
2] रज्
3] तम्
**********************
*🌀 तीन दोष।*
1] वात्
2] पित्त्
3] कफ
***********************
*🌁 तीन लोक।*
1] आकाश लोक
2] मृत्यु लोक
3] पाताल लोक
***********************
*🌊 सात महासागर।*
1] क्षीरसागर
2] दधिसागर
3] घृतसागर
4] मथानसागर
5] मधुसागर
6] मदिरासागर
7] लवणसागर
***********************
*🌅 सात द्वीप।*
1] जम्बू द्वीप
2] पलक्ष द्वीप
3] कुश द्वीप
4] पुष्कर द्वीप
5] शंकर द्वीप
6] कांच द्वीप
7] शालमाली द्वीप
***********************
*🗿 तीन देव।*
1] ब्रह्मा
2] विष्णु
3] महेश
***********************
*🐋🐄🐍 तीन जीव।*
1] जलचर
2] नभचर
3] थलचर
***********************
*👴👨👦👳 चार वर्ण।*
1] ब्राह्मण
2] क्षत्रिय
3] वैश्य
4] शूद्र
***********************
*🚩 चार फल (पुरुषार्थ)।*
1] धर्म
2] अर्थ
3] काम
4] मोक्ष
***********************
*👺 चार शत्रु।*
1] काम
2] क्रोध
3] मोह
4] लोभ
***********************
*🏡 चार आश्रम।*
1] ब्रह्मचर्य
2] गृहस्थ
3] वानप्रस्थ
4] संन्यास
***********************
*💎 अष्टधातु।*
1] सोना
2] चांदी
3] तांबु
4] लोह
5] सीसु
6] कांस्य
7] पित्तल
8] रांगु
***********************
*👥 पंचदेव।*
1] ब्रह्मा
2] विष्णु
3] महेश
4] गणेश
5] सूर्य
***********************
*👁 चौदह रत्न।*
1] अमृत
2] अैरावत हाथी
3] कल्पवृक्ष
4] कौस्तुभ मणी
5] उच्चै:श्रवा अश्व
6] पांचजन्य शंख
7] चंद्रमा
8] धनुष
9] कामधेनु गाय
10] धनवंतरी
11] रंभा अप्सरा
12] लक्ष्मी माताजी
13] वारुणी
14] वृष
***********************
*🌹🙏🏻  नवधा भक्ति।*
1] श्रवण
2] कीर्तन
3] स्मरण
4] पादसेवन
5] अर्चना
6] वंदना
7] मित्र
8] दास्य
9] आत्मनिवेदन
*********************
*🌍 चौदह भुवन।*
1] तल
2] अतल
3] वितल
4] सुतल
5] रसातल
6] पाताल
7] भुवलोक
8] भुलोक
9] स्वर्ग
10] मृत्युलोक
11] यमलोक
12] वरुणलोक
13] सत्यलोक
14] ब्रह्मलोक.

Friday, April 12, 2019

नमक और सेहत

सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-
आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है ?? आइये आज हम आपको बताते हैं कि नमक मुख्य कितने प्रकार होते हैं। एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock salt) । सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही बना बनाया है। पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को ‘सेंधा नमक’ या ‘सैन्धव नमक’, लाहोरी नमक आदि आदि नाम से जाना जाता है । जिसका मतलब है ‘सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ’। वहाँ नमक के बड़े बड़े पहाड़ है सुरंगे है । वहाँ से ये नमक आता है। मोटे मोटे टुकड़ो मे होता है आजकल पीसा हुआ भी आने लगा है यह ह्रदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मदद रूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का है । इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। तों अंत आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले। काला नमक ,सेंधा नमक प्रयोग करे, क्यूंकि ये प्रकर्ति का बनाया है ईश्वर का बनाया हुआ है। और सदैव याद रखे इंसान जरूर शैतान हो सकता है लेकिन भगवान कभी शैतान नहीं होता।

भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था विदेशी कंपनीया भारत मे नमक के व्यापार मे आज़ादी के पहले से उतरी हुई है , उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है,
हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो (अनपूर्णा,कैपटन कुक ) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ ! अब समझिए खेल क्या था ?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत मे एक नई बात फैलाई गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ , आओडीन युक्त नमक खाओ ! आप सबको आओडीन की कमी हो गई है। ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई । और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो मे बिकता था । उसकी जगह आओडीन नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो और आज तो 20 रूपये को भी पार कर गया है।

दुनिया के 56 देशों ने अतिरिक्त आओडीन युक्त नमक 40 साल पहले ban कर दिया अमेरिका मे नहीं है जर्मनी मे नहीं है फ्रांस मे नहीं ,डेन्मार्क मे नहीं , डेन्मार्क की सरकार ने 1956 मे आओडीन युक्त नमक बैन कर दिया क्यों ?? उनकी सरकार ने कहा हमने मे आओडीन युक्त नमक खिलाया !(1940 से 1956 तक ) अधिकांश लोग नपुंसक हो गए ! जनसंख्या इतनी कम हो गई कि देश के खत्म होने का खतरा हो गया ! उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आओडीन युक्त नमक बंद करवाओ तो उन्होने बैन लगाया। और शुरू के दिनो मे जब हमारे देश मे ये आओडीन का खेल शुरू हुआ इस देश के बेशर्म नेताओ ने कानून बना दिया कि बिना आओडीन युक्त नमक भारत मे बिक नहीं सकता । वो कुछ समय पूर्व किसी ने कोर्ट मे मुकदमा दाखिल किया और ये बैन हटाया गया।

आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे ।

सेंधा नमक के फ़ायदे:-

सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है । क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय है (alkaline) क्षारीय चीज जब अमल मे मिलती है तो वो न्यूटल हो जाता है और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।

ये नमक शरीर मे पूरी तरह से घुलनशील है । और सेंधा नमक की शुद्धता के कारण आप एक और बात से पहचान सकते हैं कि उपवास ,व्रत मे सब सेंधा नमक ही खाते है। तो आप सोचिए जो समुंदरी नमक आपके उपवास को अपवित्र कर सकता है वो आपके शरीर के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है ??

सेंधा नमक शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करता है ! इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis)  का अटैक आने का सबसे बढ़ा जोखिम होता है सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है।

यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है। यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है।

समुद्री नमक के भयंकर नुकसान :-

ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है ! क्योंकि कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आओडीन डाल रही है। अब आओडीन भी दो तरह का होता है एक तो भगवान का बनाया हुआ जो पहले से नमक मे होता है । दूसरा होता है “industrial iodine”  ये बहुत ही खतरनाक है। तो समुद्री नमक जो पहले से ही खतरनाक है उसमे कंपनिया अतिरिक्त industrial iodine डाल को पूरे देश को बेच रही है। जिससे बहुत सी गंभीर बीमरिया हम लोगो को आ रही है । ये नमक मानव द्वारा फ़ैक्टरियों मे निर्मित है।

आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप (high BP ) ,डाइबिटीज़, आदि गंभीर बीमारियो का भी कारण बनता है । इसका एक कारण ये है कि ये नमक अम्लीय (acidic) होता है । जिससे रक्त अम्लता बढ़ती है और रक्त अमलता बढ्ने से ये सब 48 रोग आते है । ये नमक पानी कभी पूरी तरह नहीं घुलता हीरे (diamond ) की तरह चमकता रहता है इसी प्रकार शरीर के अंदर जाकर भी नहीं घुलता और अंत इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है ।

ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है ! और बीमारिया जरूर साथ मे मिल जाती है !

रिफाइण्ड नमक में 98% सोडियम क्लोराइड ही है शरीर इसे विजातीय पदार्थ के रुप में रखता है। यह शरीर में घुलता नही है। इस नमक में आयोडीन को बनाये रखने के लिए Tricalcium Phosphate, Magnesium Carbonate, Sodium Alumino Silicate जैसे रसायन मिलाये जाते हैं जो सीमेंट बनाने में भी इस्तेमाल होते है। विज्ञान के अनुसार यह रसायन शरीर में रक्त वाहिनियों को कड़ा बनाते हैं, जिससे ब्लाक्स बनने की संभावना और आक्सीजन जाने मे परेशानी होती है। जोड़ो का दर्द और गढिया, प्रोस्टेट आदि होती है। आयोडीन नमक से पानी की जरुरत ज्यादा होती है। 1 ग्राम नमक अपने से 23 गुना अधिक पानी खींचता है। यह पानी कोशिकाओ के पानी को कम करता है। इसी कारण हमें प्यास ज्यादा लगती है।

निवेदन :पांच हजार साल पुरानी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी भोजन में सेंधा नमक के ही इस्तेमाल की सलाह दी गई है। भोजन में नमक व मसाले का प्रयोग भारत, नेपाल, चीन, बंगलादेश और पाकिस्तान में अधिक होता है। आजकल बाजार में ज्यादातर समुद्री जल से तैयार नमक ही मिलता है। जबकि 1960 के दशक में देश में लाहौरी नमक मिलता था। यहां तक कि राशन की दुकानों पर भी इसी नमक का वितरण किया जाता था। स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता था। समुद्री नमक के बजाय सेंधा नमक का प्रयोग होना चाहिए।

आप इस अतिरिक्त आओडीन युक्त समुद्री नमक खाना छोड़िए और उसकी जगह सेंधा नमक खाइये !! सिर्फ आयोडीन के चक्कर में समुद्री नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि जैसा हमने ऊपर बताया आओडीन हर नमक मे होता है सेंधा नमक मे भी आओडीन होता है बस फर्क इतना है इस सेंधा नमक मे प्राकृतिक के द्वारा भगवान द्वारा बनाया आओडीन होता है इसके इलावा आओडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है।।ॐ।।

Friday, April 5, 2019

बेशर्मी अपने गुनाहों को छुपाने की ।

"मोदी जी को 30 किलो गाय के मांस का पता चल जाता है पर 300 किलो आरडीएक्स का नहीं चला कि यह कहाँ से आया !! रणदीप सुरजेवाला।"जबाब सुन
इस बात का जवाब कांग्रेस दे के दस साल के राज में जो देश के चीथड़े चीथड़े उड़ते रहे , दिल्ली से लेकर मुंबई तक ...बाजार बाजार, ट्रेन ट्रेन और शहर दर शहर .. उसमें आरडीएक्स कहां से आया था ?
दिल्ली के सरोजनी नगर में 2005 में धनतेरस वाले दिन जब 85 लोगो के चीथड़े उड़े थे तो देश में वो आज तक का सबसे ज्यादा आरडीएक्स वाला धमाका था।
300 किलो से भी ज्यादा ! कहां से आता था इतना आरडीएक्स , कौन लाया था भाई ??
एक अनुमान के अनुसार कांग्रेस के दस साल के राज में लगभग 4000 किलो आरडीएक्स से देश की निर्दोष जनता को लहूलुहान किया गया !
जवाब दो कांग्रेसियो कहां से आया इतना आरडीएक्स ? कौन लाया ?
आओ तुम्हें सिलसिलेवार एक एक आतंकवादी घटना की याद दिलाऊ..
1. 15 अगस्त , 2004-
असम के धिमजी स्कूल में RDX बम ब्लास्ट- (18 मरे, 40 घायल)
2. 5 जुलाई 2005-
अयोध्या में रामजन्मभूमि पर आतंकवादी हमला (6 मरे,दर्जनों घायल)
3. 28 जुलाई 2005-
जौनपुर में श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में RDX द्वारा बम विस्फोट-(13 मरे,50 घायल)
4. 29 अक्टूबर 2005-
धनतेरस वाले दिन दिल्ली के गोविंदपुरी,पहाड़गंज और सरोजनी नगर के भीड़भाड़ वाले इलाके में RDX ब्लास्ट करके 85 लोगो के चिथड़े उड़ा दिए गए और 250 से ज्यादा घायल हुए।
5. 28 दिसम्बर 2005..
बैंगलोर के इंस्टीट्यूट आफ साइंस पर आतंकवादी हमला 1 मरे 4 घायल !
6. 7 मार्च 2006 -
हिंदुओं की श्रद्धा के केंद्र वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर और भीडभाड वाले कैंट रेलवे स्टेशन पर 3 RDX बम ब्लास्ट करके 28 श्रद्धालुओं ,नागरिको को बम से उड़ा दिया,101 लोग घायल हुए।
7. 11 जुलाई 2006-
मुम्बई में एक साथ माटुंगा रोड, माहिम,बांद्रा, खार रॉड, जोगेश्वरी, भाइंदर, बोरिवली स्टेशनों के लोकल ट्रेन में RDX के बमो से सीरियल ब्लास्ट करके 209 लोगो को बम से उड़ाया गया 700 से ज्यादा लोग घायल हुए !
8. 8 सितंबर 2006, मालेगांव की मस्जिद में सीरियल RDX बम ब्लास्ट 37 मरे 125 घायल।
9. 18 फरवरी 2007, समझौता एक्सप्रेस में वही RDX बम ब्लास्ट,68 मरे 50 घायल !
10. हैदराबाद की मक्का मस्जिद में RDX बम ब्लास्ट 16 मरे 100 घायल।
11. 14 अक्टूबर 2007, लुधियाना के थियेटर में RDX बम ब्लास्ट 6 लोग मरे।
12. 24 नवम्बर 2007, उत्तर प्रदेश में लखनऊ,अयोध्या और बनारस के न्यायालयों में सीरियल RDX बम बलास्ट 16 मरे 79 घायल।
13. 1 जनवरी 2008 रामपुर उत्तर प्रदेश में CRPF कैम्प पर हमला 8 मरे 7 घायल।
14. 13 मई 2008, जयपुर के छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़,मानकपुर पुलिस स्टेशन एरिया,जौहरी बाजार,त्रिपोलिया बाजार,कोतवाली क्षेत्र में RDX द्वारा 9 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट 63 मरे 200 घायल !
15. 25 जुलाई 2008, बैंगलुरु में में 8 सीरियल RDX बमब्लास्ट 2 मरे 20 घायल !
16. 26 जुलाई 2008, गुजरात के अहमदाबाद में 17 जगहों पर सीरियल RDX बम ब्लास्ट 35 मरे 110 घायल।
17. 13 सितंबर 2008, दिल्ली के गफ्फार मार्केट, बारहखम्भा रोड, GK1, सेंट्रल पार्क में 31 मिनट के अंदर 5 RDX बम ब्लास्ट हुए । 33 लोगो कि बम विस्फोट में मृत्यु और 150 से ज्यादा घायल।
18. 27 सितंबर 2008, दिल्ली महरौली के इलेक्ट्रानिक मार्केट में 2 बम ब्लास्ट 3 लोग मरे और 33 घायल।
19. 1 अक्टूबर 2008,.अगरतला में बम विस्फोट- 4 मरे 100 घायल
20. 21 अक्टूबर 2008.. इम्फाल में आरडीएक्स  बम विस्फोट- 17 मरे 50 घायल
21. 30 अक्टूबर 2008, .असम में आरडीएक्स  बम विस्फोट- 81 मरे और 500 से ज्यादा घायल
22. 28 नवम्बर 2008.. मुम्बई हमला , ताज होटल,ओबेराय होटल,कामा हॉस्पिटल, नरीमन हाउस, लियोपोल्ड कैफे,छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर आतंकवादी हमला 166 लोग मारे गए 600 से ज्यादा घायल।
23. 1 जनवरी 2009,
गुवाहाटी में आरडीएक्स  बम ब्लास्ट 6 मरे 67 घायल !
24. 6 अप्रैल 2009,
गुवाहाटी में आरडीएक्स  बम ब्लास्ट 7 मरे 62 घायल !
25. 13 फरवरी 2010,
पुणे की जर्मन बेकरी मेंआरडीएक्स  बम ब्लास्ट,17 मरे 70 घायल!
26. 7 दिसम्बर 2010,
दशास्वमेध घाट पर गंगा आरती के समय बम ब्लास्ट। 3 मरे 36 घायल !
27. 13 जुलाई 2011-
मुबई के ओपेरा हाउस,जावेरी बाज़ार और दादर एरिया में भीषण आरडीएक्स  बम ब्लास्ट ! 26 मरे 130 लोग घायल।
28. 7 सितंबर 2011,
दिल्ली हाईकोर्ट में आरडीएक्स  बम ब्लास्ट, 17 मरे और 180 लोग घायल।
29. 13 फरवरी 2011....
इजराइली डिप्लोमेट की कार को बम से उड़ाने का प्रयास, बम सही से फटा नही। 4 घायल।
30. 1 अगस्त 2012
पुणे ब्लास्ट।
31. 21 फरवरी 2013..
हैदराबाद की हैदाराबाद में 2 आरडीएक्स  बम ब्लास्ट। 18 लोग मारे गए और 131 घायल !
32. 17 अप्रैल 2013..
बैंगलोर में आरडीएक्स  बम ब्लास्ट,14 लोग गंभीर रुप से घायल !
33. 7 जुलाई 2013 ,
बोधगया मे ब्लास्ट 5 लोग गंभीर रूप से घायल।
34. 27 अक्टूबर 2013...
पटना में,नरेंद्र मोदी की रैली में इंडियन मुजाहिद्दीन द्वारा 8 बम ब्लास्ट, 6 मरे 85 घायल।लाखो की भीड़ में भगदड़ मचा कर हजारो को मारने की साजिश।
35. 1 मई 2014,
चेन्नई में गुवाहाटी बैंगलोर एक्सप्रेस में बम बलास्ट 2 मरे 14 गंभीर रूप से घायल।
कांग्रेस राज के दस वर्षो की जो भी बम ब्लास्ट की घटनाएं ऊपर लिखीं हैं उनमें कश्मीर की घटनाएं नहीं हैं।
कश्मीर में भी इस दरम्यान सैकड़ो घटनाएं हुई जिनमें हजारों किलो आरडीएक्स प्रयोग हुआ और हजारों बेकसूर मारे गए।
कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि किस रास्ते से आरडीएक्स देश में निर्बाध आता रहा और मासूमों के चीथड़े उड़ाता रहा।पुलवामा में हुए हमले से हर देशवासी दुखी हुवा है ।लेकिन सेना और आतंकवादियो का तो 36 का आंकड़ा है।किन्तु मासूम जनता को कांग्रेस राज में क्यों भूना जाता रहा , इसका जवाब दो सुरजेवाला! इसका जवाब दो राहुल गाण्डी पप्पू  !और जवाब तो उस दाउद के काले कारनामे का भी दो...जब 1993 में तुम्हारी सरपरस्ती में 400 बेकसूर लोगों को आरडीएक्स  बमों से मौत के घाट उतार दिया गया था..